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जीवन बदलने वाली वाली कहानी Motivational short story

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 ये कहानी जो आप अभी आप पढ़ेंगे।  मेरे पिता जी ने मुझे आज से दस साल पहले सुनाई थी।

         P नाम वाले लोग 

एक बार एक आम मजदुर दिन भर महनत कर किसी तरह से आपना घर चला रहा था। कुछ समय बाद उसका बेटा थोड़ा बड़ा हो गया।



बेटे ने पिता की महनत को देखते हुए ये ठान लिया था की  वो पढ़ लिख के एक बड़ा आदमी बनेगा और अपने पिता को एक अच्छा जीवन देगा।

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बस फिर क्या था बेटे ने खूब महनत की और एक IAS बन गया।



धीरे धीरे उसने अपने पिता को वो सब खुशियाँ दी जिसका उसने एक दिन सपना देखा था।

अब सब सही हो गया था वो अपने माता पिता साथ ख़ुशी से रह रहा था।

बेटे की इस  देख उसके पिता बहुत खुश थे। लेकिन अब भी उसके पिता उसको एक छोटे बच्चे के जैसे किसी के भी सामने दो चार बात सुना दिया करते थे।




जिसे बेटा अपनी गलती समझ कर चुप चाप सुन लिया करता और सिर झुककर माफ़ी मांग लेता था।

कुछ समय बाद बेटे की शादी हो जाती है शादी होने के बाद भी उसके पिता उसके साथ पहले के जैसे ही व्यवहार करते थे



जो अब उसको बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता था।

उसकी पत्नी को भी ये बात बिलकुल भी पसंद नहीं थी।

बेटा अब एक अधिकारी था और कुछ लोग उसके साथ हर वक्त रहते थे।

लेकिन उसके पिता को इस बात की बिलकुल भी परवाह नहीं थी।  सभी के सामने वो उसे पहले के जैसे दो चार बात सूना दिया करते थे।

एक दिन जब वो अपने कुछ दोस्तों  साथ बैठा था तब उसके पिता वह आये और उसको भला बुरा कह कर अपने कमरे में अपनी पत्नी के पास चले गये।



इस बार वो अपने गुस्से को काबू नहीं कर सका। और बहार जा कर एक कुल्हाड़ी ले आया।

अपने पिता को मरने के लिए वो उनके कमरे की और चल दिया।

तभी कमरे में से उसकी माँ की आवाज आयी जिसे सुन कर वो कमरे के बाहर ही रुक गया।

माँ ने कहाँ - हमारा बेटा अब बहुत बड़ा अधिकारी है उसकी शादी हो गई है। तुम अब भी उसको छोटे बच्चे के जैसे बोलते रहते हो वो अपना अच्छा बुरा जानता है



पिता ने कहा - में जानता हूँ की मेरा बेटा आज आसमान को छू रहा है। जिसके लिए मुझे उस पर गर्व है।



लेकिन में  ये चाहता हूँ की वो इस प्रकार से आगे बढ़ता रहे।

उस के अंदर कभी किसी भी प्रकार का अहंकार न आये। जिस के कारण वो कभी किसी प्रकार का कोई गलत कदम न उठा ले  बाद में उसे पछताना पड़े।

ये सब बाते सुन कर उसकी आँख  भर गई और उसने रोते हुए जा कर अपने पिता के पैर पकड़ लिये और माफ़ी मांगने लगा।

उसके पिता ने उसे उठाया और गले लगा लिया।

आपने इस कहानी से क्या सीखा कमेंट में जरूर लिखे।

कहानी पढ़ने के लिए आपका शुक्रिया , आपका दिन शुभ हो।

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