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Motor vehicle act 2019 in hindi, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर होगा 10000 तक का जुर्माना।

हेलो दोस्तों 

बहुत ही महत्वपूर्ण ACT
ध्यान से पढ़ें

मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019 राज्य सभा में पारित (Motor Vehicle Amendment Bill 2019 Passed in Rajya Sabha) 


The Motor Vehicle (Amendment) Bill को कल, एक लम्बी बहस के बाद Rajya Sabha मैं पास किया गया। इस बिल को voice vote के द्वारा पास किया गया। Voice vote के फेसले मे 108 vote पक्ष में और 13 vote खिलाफ गिरे। 
मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 को 1988 के मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों में संशोधन करने के लिए पारित किया गया।
जिसे 2017 में वापस लाया गया था, लेकिन ऊपरी सदन ने इसे मंजूरी नहीं दी गई थी और अंततः इसे भंग कर दिया गया था। 
Motor Vehicle Amendment Bill 2019 में मोटर वाहनों से संबंधित लाइसेंस और परमिट प्रदान करने, मोटर वाहनों के लिए मानकों और इन प्रावधानों के उल्लंघन के लिए दंड का प्रावधान है।
अपराध और दंड: विधेयक अधिनियम के तहत कई अपराधों के लिए दंड बढ़ाये है। जैसे-
1. शराब या ड्रग्स के प्रभाव में ड्राइविंग के लिए अधिकतम जुर्माना 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।

2. यदि कोई वाहन निर्माता मोटर वाहन मानकों का पालन करने में विफल रहता है। 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना या एक वर्ष तक का कारावास या दोनों हो सकता है।
3. यदि कोई ठेकेदार सड़क डिजाइन मानकों का पालन करने में विफल रहता है, तो जुर्माना एक लाख रुपये तक का जुर्माना होगा।
4. केंद्र सरकार हर साल अधिनियम के तहत उल्लिखित जुर्माना 10% तक बढ़ा सकती है।

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुआवजा (Compensation for road accident victims) 

केंद्र सरकार golden hour (दर्दनाक चोट के बाद पहला घंटा, जब आपातकालीन उपचार सफल होने की सबसे अधिक संभावना है।)के दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों के cashless उपचार के लिए एक योजना विकसित करेगी। जिसके दौरान त्वरित चिकित्सा देखभाल के माध्यम से मृत्यु को रोकने की संभावना सबसे अधिक है।  
विधेयक एक अच्छे व्यक्ति को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में परिभाषित करता है जो किसी दुर्घटना के समय पीड़ित व्यक्ति को आपातकालीन चिकित्सा या गैर-चिकित्सा सहायता प्रदान करता है।
(i) सद्भाव में
 (ii) स्वैच्छिक
 (iii) बिना किसी इनाम की उम्मीद के
ऐसा व्यक्ति किसी भी नागरिक या आपराधिक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी नहीं होगा, जिससे पीड़ित को सहायता प्रदान करने में लापरवाही के कारण किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।

केंद्र सरकार तीसरे पक्ष के बीमा के तहत मुआवजे की मांग करने वाले दावेदारों को अंतरिम राहत प्रदान करने के लिए एक योजना भी बना सकती है।

Hit and run cases मामलों के लिए न्यूनतम मुआवजा बढ़ाया है। 

  1. (i) in case of death, from Rs 25,000 to two lakh rupees. 
  2. (ii) in case of grievous injury, from Rs 12,500 to Rs 50,000.

अनिवार्य बीमा(Compulsory insurance) विधेयक में केंद्र सरकार को भारत में सभी सड़क उपयोगकर्ताओं को अनिवार्य बीमा कवर प्रदान करने के लिए मोटर वाहन दुर्घटना निधि का गठन करने की आवश्यकता है।  इसका उपयोग निम्न के लिए किया जायेगा।  
  1. एक हिट और रन दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के प्रतिनिधियों को मुआवजा,  
  2. सुनहरे घंटे की योजना के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों का उपचार
  3. किसी व्यक्ति को एक हिट में गंभीर रूप से चोट लगने का मुआवजा।
  4.  केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किसी अन्य व्यक्ति को मुआवजा।
  5. केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित प्रकृति का भुगतान
  6. केंद्र सरकार द्वारा दिया गया अनुदान या ऋण
  7. सॉलिटियम फंड का संतुलन (मौजूदा फंड जो एक्ट के तहत मुआवजा प्रदान करता है)  हिट एंड रन दुर्घटनाओं के लिए
  8. केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किसी अन्य स्रोत के रूप मे
 यदि vehicles में खराबी से पर्यावरण, या ड्राइवर, या अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं को नुकसान हो सकता है।  
Bill केंद्र सरकार को मोटर vehicles को वापस बुलाने के लिए आदेश देने की अनुमति देता है
वापस बुलाए गए vehicle के निर्माता के लिए आवश्यक होगा:
  1.   vehicle की पूरी लागत के लिए खरीदारों की प्रतिपूर्ति करता है
  2.  समान या बेहतर विनिर्देशों के साथ दोषपूर्ण vehicle को दूसरे vehicle से प्रतिस्थापित करता है।
ट्विटर पर लोगों ने क्या कहा आप नीचे देख लीजिए मैंने स्क्रीनशॉट दिया हुआ है।

Manish P Gawde 
Replying to @nitin_gadkari
why do all laws and penallties only
apply to common citizens , why is there
not a law which states that any govt
member shud be fined triple of that of a
common man since they r suuposed to
uphold law and not break it?? biggest
culprits r those only


पार्थ शुभम शर्मा 
Replying to @nitin_gadkari
सर इस निर्णय का मैं सम्मान करता हूँ लेकिन देश में
मौजूद
प्रशासन व्यवस्था का दुरुपयोग न करे
इसके लिए भी आपको है ठोस कदम उठाने होंगे।
नहीं तो सरल भाषा में कहूँ तोह उनकी चांदी
हो जाएगी


Shrikant Bambal 
Replying to @nitin_gadkari
प्रत्येक नागरिक को bill मोटर वाहन संशोधन बिल
'पारित करने पर बधाई, जो सड़कों को सुरक्षित
करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। मैं घर के उन सदस्यों
का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने इस विषय की गंभीरता को
महसूस किया और बिल के पक्ष में मतदान किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
 Navdeep Singh 
Replying to @nitin_gadkari
Sir with due respect, please make the
officers and contractors accountable
for the potholes in the road, engineering
fault in roads. An independent road
safety auditor needs to be appointed for
all projects who can give the final go
ahead. Just one lac Rs fine is not
enough. 

Gaurav kr Mishra
Replying to @nitin_gadkari
Motor Vehicle Act passed by Both
Houses, This Bill was pending since
2016
This Parliament session is one of the
best ever session I have ever seen. So
Many Bills cleared by Lok Sabha. Now
Rajya Sabha too is working enough to
clear the path. Great Job
So Now Bharat Get Ready
siddhesh 
Replying to @nitin_gadkari
सर मै पुणे से हूं एक रूरल एरिया से हमारे यहां से
पुणे नासिक हाईवे जाता है मेरे सिटी से लेके मेन पुणे
सिटी तक जितने सिग्नल लगते है वह ज़ेब्रा क्रॉसिंग
तो है लेकिन कोई फ़ॉलो नहीं करता ट्रैफिक पुलिस
भी बस देखने का काम करती है क्यों नहीं फ़ॉलो
होता ज़ेब्रा क्रासि। 

Vishal Bharadwa
Replying to @nitin_gadkari
सर, एक नियम और पालन करवा दीजिये, ये जो
सरकारी अफसर और बाबू अपनी personal
गाड़ियों में "भारत सरकार" या "उत्तर प्रदेश सरकार"
या "पुलिस" या "न्यायालय" लिख कर चलाते है ना,
उनकी ड्राइविंग भी उतनी ही रफ होती है कि हमसे
डरो और किनारे रहो।


इस बारे में क्या सोचते हैं। 
हमें बताएं। 

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